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’अस्तित्व’ के दो सशक्त मंचन

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‘‘- हर छोटी बच्ची को डराया जाता है, उसे हर पल याद दिलाया जाता है कि वो एक लडकी है।
– लड़कियों को हर बात के लिए सिर्फ इसलिए रोकना कि वो एक लड़की है, कहाँ तक सही है?
– हम अगर 10 मिनिट भी लेट हो जाए तो हम पर सवालों कि बारिश हो जाती है।
– हमारे फोन की ऐसे तलाशी होती है जैसे हम अन्तरराष्ट्रीय आतंकवादियों के सम्पर्क में हो।’’ Read more

नाट्यांश कलाकारों ने तम्बाकु और नशे को कहा ‘‘रूको’’

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आज देश और समाज में बढ़ रहे तम्बाकु सेवन और नशे की लत को रोकने के लिए शनिवार शाम को ‘‘नो टबैको डे’’ यानी तम्बाकु निषेध दिवस के अवसर पर एक नुक्कड नाटक ‘‘रूको’’ का मंचन उदयपुर की नाट्य संस्था द्वारा किया गया। इस नाटक में बताया गया कि लोग खाली समय में तम्बाकु, गुटखा और नशे के प्रति आर्कषक होते है। जो कि जानलेवा है। Read more

‘‘जीवन की दुकान’’ ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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27 मार्च 2014, उदयपुर। विश्व रंगमंच दिवस के संदर्भ मे उदयपुर की युवा नाट्य संस्था नाट्यांश ने नुक्कड़ नाटक ‘‘जीवन की दुकान’’ का मंचन किया। वर्तमान में पर्यावरण की नाजु़क हालात को देखते हुए पेड़ो को बचाने एवं पेड़ो को लगाने का संदेश दिया। नाट्यांश द्वारा आयोजित यह नुक्कड़ नाटक व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पर्यावरण को पहुँचाई गई हानियो पर आधारित है। Read more

नुक्कड़ नाटक ‘‘काक्सा का ठेला’’ के माध्यम से दिखाया आईना

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उदयपुर। 20 अप्रेल, 2013।

उदयपुर की झीलें भरने की खुशी के उपलक्ष्य में नाट्यांश द्वारा एक नुक्कड़ नाटक ‘‘काक्सा का ठेला’’ का मंचन फतहसागर की पाल पर किया गया। जैसा कि ज्ञात हैं उदयपुर की झीलें छलक उठी है। ना जाने कितने लोगो की दुआओं, प्रार्थनाओं का नतीज़ा है कि उदयपुर की झीलें पानी से लबालब हो गयी हैं। लहरों के साथ ही झीलों के किनारे भी लोगों की खुशी, हर्षोल्लास और उत्साह से सरोबार हो गये है। Read more

नुक्कड़ नाटक ‘‘काक्सा का ठेला’’ का मंचन कल

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नाट्यांश द्वारा फतहसागर की पाल पर रविवार, दिनांक 20 अक्टूबर, 2013, शाम को 6:00 बजे नुक्कड़ नाटक ‘‘काक्सा का ठेला’’ का मंचन किया जायेगा। Read more

नुक्कड़ नाटक “आज़ादी का बटँवारा” का दूसरा मंचन।

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उदयपुर। नाट्यांश के द्वारा भारत की वर्तमान की स्थितियों पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक “आज़ादी का बटँवारा” का मंचन, फतहसागर की पाल पर किया गया। Read more

66 साल बाद हुआ ‘‘आज़ादी का बटँवारा’’

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उदयपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फतहसागर की पाल पर नाट्यांश के द्वारा एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। ‘‘आज़ादी का बटँवारा’’ नामक यह नाटक भारत की वर्तमान की स्थितियों पर आधारित था। Read more

Old World : Love Has No Age Boundations

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Old World is a touching story of hope and compassion, with gentle hints of humor, providing that love can blossom in the most unlikely places between two lonely aged people, Dr. Rodion Nikolayevich, the crusty, old director of a sanatorium in Soviet Latvia first meet his difficult patient Lidya Vasilevya, a coquettish, romantic and optimistic but hates being described as patient. Painful pauses betray the emotions driving each of them inexorably towards each other. Read more

‘Old World’ to be played on 4th and 5th

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Bhupesh Kumar Pandya, a name that does not need any introduction, is in Udaipur these days. After taking the workshop in June 12, he has given an opportunity to Artists of Udaipur to work under him in a play ‘Old World’ written by Alexei Arbuzov & translated in hindi by Dr. B. Safadia. Read more