नुक्कड़ नाटक ‘‘काक्सा का ठेला’’ के माध्यम से दिखाया आईना

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उदयपुर। 20 अप्रेल, 2013।

उदयपुर की झीलें भरने की खुशी के उपलक्ष्य में नाट्यांश द्वारा एक नुक्कड़ नाटक ‘‘काक्सा का ठेला’’ का मंचन फतहसागर की पाल पर किया गया। जैसा कि ज्ञात हैं उदयपुर की झीलें छलक उठी है। ना जाने कितने लोगो की दुआओं, प्रार्थनाओं का नतीज़ा है कि उदयपुर की झीलें पानी से लबालब हो गयी हैं। लहरों के साथ ही झीलों के किनारे भी लोगों की खुशी, हर्षोल्लास और उत्साह से सरोबार हो गये है।

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इसी खुशी, हर्षोल्लास और उत्साह में हम जाने-अनजाने हमारी झीलों और झीलों के शुद्ध वातावरण को दुषित करतें है। पान की पीक, सिगरेट का धुंआँ, जहाँ-तहाँ फैला कचरा, तेज़ रफ्तार वाहन और उनसे फैला प्रदुषण हमारी झीलों को और वहाँ के वातावरण को गन्दा और दुषित करतें है। जितने संकल्प और वादे झीलों को साफ और स्वच्छ रखने के लिये किये जाते है, वो सभी कुछ ही दिनों में भुला दिये जाते है जिसके आरोप सरकार एवं सरकार की सफाई नीतियों पर लगाया जाता है।

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नाट्यांश के द्वारा फतहसागर की पाल पर मंचित नुक्कड़ नाटक ‘‘काक्सा का ठेला’’ भी एसे ही विषय पर बात करता है। नुक्कड़ में बताया गया है कि कैसे हम अपने नैतिक मुल्यों को भुल कर झीलों को गन्दा और दुषित करतें है। नाटक के माध्यम से नाट्यांश के कलाकारों ने झीलों के प्रति लोगों की बुरी आदतों को सही करने और निकट भविष्य में झीलों को साफ और स्वच्छ रखने की अपील की गयी।

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इस नुक्कड़ के संयोजक अमित श्रीमाली ने बताया कि नाट्यांश द्वारा निर्देशित नाटक का लेखन अश्फ़ाक नुर ख़ान पठान द्वारा किया गया है। नाटक के कलाकारों में शुभम शर्मा, मोहक आहुजा, श्लोक पिम्पलकर, महेन्द्र ड़ांगी ने अपने अभिनय से खुब हँसाया। साथ ही नेहा पुरोहित, मोहम्मद रिज़वान, अब्दुल मुबिन खान पठान, विशाल राज वैष्णव, जतिन नाहर, रेखा सिसोदिया, भाविक सोनी, रोनक कंठालिया एवं करण कोठारी ने अपने अभिनय की छाप छोडी।

नाटक का सारांश

नुक्कड़ नाटक ‘‘काक्सा का ठेला’’ एक काल्पनिक चाय की थडी और वहाँ अक्सर आने वाले चार दोस्तो की कहानी हैं। जो अपनी हर खुशी का इज़हार करने झीलों के किनारो पर आते है और वहाँ होने वाली विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा भी लेते है। चारों युवक पढ़े लिखे होने के बावज़ुद भी झीलों के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी का पुरा नहीं करते पर बातों ही बातों में उदयपुर की झीलों को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने का सन्देश देते है।

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